NEET Exam 2025 :- नीट (National Eligibility cum Entrance Test) 2025 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन हाल के अपडेट्स ने अभ्यर्थियों के लिए चिंता बढ़ा दी है। खासकर यूजी (Undergraduate) और पीजी (Postgraduate) दोनों स्तरों के उम्मीदवारों के लिए कुछ खबरें राहत देने वाली हैं, तो कुछ निराशाजनक भी। आइए जानते हैं कि इस साल नीट से जुड़ी प्रमुख घटनाक्रम क्या हैं और इनका अभ्यर्थियों पर क्या असर पड़ सकता है।
यूजी अभ्यर्थियों के लिए बुरी खबर –
नीट यूजी 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन में पिछले साल की तुलना में कमी देखी गई है। पिछले साल 24.06 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि इस साल यह संख्या लगभग 23 लाख तक सीमित रह गई है। यह कमी कई कारणों से हो सकती है, जैसे परीक्षा पैटर्न में बदलाव, सीटों की सीमित उपलब्धता, और बढ़ती प्रतिस्पर्धा। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम रूप से परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या और भी कम हो सकती है, लेकिन फिर भी हर सीट के लिए औसतन 19-20 उम्मीदवारों की होड़ रहेगी। इसके अलावा, कुछ राज्यों में दस्तावेजों की कमी या तकनीकी दिक्कतों के कारण रजिस्ट्रेशन पूरा न हो पाना भी एक चुनौती बन गया है।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव भी यूजी अभ्यर्थियों के लिए चिंता का विषय है। एनटीए (National Testing Agency) ने इस साल 180 अनिवार्य सवालों को लागू किया है, जो पहले वैकल्पिक हुआ करते थे। यह बदलाव अभ्यर्थियों के लिए तैयारी को और कठिन बना सकता है, क्योंकि अब हर सवाल का जवाब देना जरूरी होगा।
पीजी अभ्यर्थियों के लिए खास अपडेट –
दूसरी ओर, नीट पीजी 2025 के लिए कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनबीईएमएस (National Board of Examinations in Medical Sciences) ने परीक्षा को एकल शिफ्ट में आयोजित करने का फैसला लिया है, जो पहले दो शिफ्ट में होने वाली थी। यह बदलाव 3 अगस्त 2025 को होने वाली परीक्षा के लिए लागू होगा, जिससे अभ्यर्थियों को कठिनाई स्तर में भिन्नता की चिंता से राहत मिलेगी। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 233 कर दी गई है, जो लॉजिस्टिक सुविधा और निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा।
एनबीईएमएस ने 21 जुलाई 2025 को एडवांस सिटी स्लिप जारी करने की घोषणा की है, जिससे उम्मीदवारों को अपने परीक्षा केंद्र की जानकारी पहले से मिल जाएगी। इसके अलावा, 31 जुलाई 2025 को एडमिट कार्ड जारी होने की उम्मीद है, जो पीजी अभ्यर्थियों के लिए तैयारी और योजना बनाने में मददगार होगा।
प्रभाव और सुझाव –
यूजी अभ्यर्थियों के लिए यह समय और मेहनत के साथ-साथ रणनीति बनाने का है। मॉक टेस्ट और कमजोर क्षेत्रों पर फोकस करने से सफलता की संभावना बढ़ सकती है। वहीं, पीजी उम्मीदवारों को सिटी प्रेफरेंस जमा करने की समयसीमा (13-17 जून 2025) का ध्यान रखना चाहिए और आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट चेक करना चाहिए।
निष्कर्ष :-
नीट 2025 यूजी और पीजी दोनों के लिए अलग-अलग चुनौतियां और अवसर लेकर आया है। यूजी अभ्यर्थियों के लिए रजिस्ट्रेशन में कमी और पैटर्न में बदलाव परेशानी का सबब बन सकता है, जबकि पीजी अभ्यर्थियों के लिए एकल शिफ्ट और बढ़े हुए केंद्र राहत की बात हैं। अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे अपनी तैयारी को मजबूत करें और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें, ताकि वे इस प्रतिस्पर्धा में सफलता हासिल कर सकें।




