Anil Ambani News :- 24 जुलाई 2025, दोपहर 03:10 IST को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAGA) की 50 कंपनियों के 35 स्थानों पर ये छापेमारी चल रही है, जो 3,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन से जुड़े धोखाधड़ी मामले की जांच का हिस्सा है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है, जिसमें येस बैंक से कथित तौर पर अवैध लोन डायवर्जन का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 2017-2019 के बीच Yes Bank ने RAAGA कंपनियों को 3,000 करोड़ रुपये के लोन दिए, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। ED का दावा है कि ये लोन गलत तरीके से शेल कंपनियों और ग्रुप इकाइयों में डायवर्ट किए गए। साथ ही, येस बैंक के प्रमोटरों को लोन स्वीकृति से पहले पैसे मिलने के सबूत भी मिले हैं, जो रिश्वत के गहरे नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) पर विशेष ध्यान है, जहां कॉर्पोरेट लोन 2017-18 में 3,742 करोड़ से बढ़कर 2018-19 में 8,670 करोड़ हो गया, जो जांच के दायरे में है।
क्या अनिल अंबानी की गिरफ्तारी हो सकती है?
अभी तक ED ने अनिल अंबानी को व्यक्तिगत रूप से आरोपी नहीं बनाया है, लेकिन जांच के अगले चरण में उनकी भूमिका स्पष्ट हो सकती है। पिछले महीने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और अनिल अंबानी को ‘फ्रॉड’ घोषित किया था, जो इस कार्रवाई को गंभीर बनाता है। अगर सबूत मजबूत हुए, तो गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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ED की टीम 50 से अधिक कंपनियों और 25 से ज्यादा लोगों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। सीबीआई की दो FIR और अन्य एजेंसियों जैसे SEBI, NHB, और NFRA के इनपुट इस मामले को और पेचीदा बनाते हैं। अनिल अंबानी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह जांच भारत के कॉर्पोरेट जगत में बड़े उथल-पुथल का संकेत देती है, और आने वाले दिनों में इसकी दिशा स्पष्ट होगी।




